फर्जी होटल बुकिंग वेबसाइट बनाकर ठगी करने वाला आरोपी गिरफ्तार, 83 पीड़ितों से 13.60 लाख रुपये की ठगी

 





कोलकाता 27 जनवरी:कोलकाता साइबर पुलिस ने देशभर में नामी होटलों की फर्जी वेबसाइट बनाकर ऑनलाइन ठगी करने वाले एक बड़े साइबर अपराधी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान हुजैफा शब्बीर दरबार (41 वर्ष) के रूप में हुई है, जो पुणे, महाराष्ट्र का निवासी है।


यह मामला साइबर पीएस कोलकाता केस नों . 44/2025 (दिनांक 18.07.2025) के अंतर्गत दर्ज किया गया है। आरोपी के खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 43, 66, 66C, 66D तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।


कैसे हुआ ठगी का खुलासा


पुलिस के अनुसार, मई 2025 से पहले और उसके दौरान अज्ञात आरोपियों ने आपराधिक साजिश के तहत देश के विभिन्न प्रतिष्ठित होटलों की नकली वेबसाइट तैयार कीं। इन वेबसाइट्स के माध्यम से आम लोगों को होटल रूम बुकिंग के नाम पर फंसाया गया।अब तक की जांच में सामने आया है कि 83 पीड़ितों से कुल 13,60,803 रुपये की ठगी की गई।


एक पीड़ित की शिकायत से खुला मामला


इस मामले में एक पीड़ित देबज्योति मल्लिक (निवासी– हरिदेवपुर, कोलकाता) ने राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल (एनसीआरपी) पर शिकायत दर्ज कराई थी।

उन्होंने बताया कि 5 मई 2025 को उन्होंने “पुरी होटल” में कमरा बुक करने के लिए एक वेबसाइट पर विजिट किया।


शुरुआत में उनसे बुकिंग वेरिफिकेशन के नाम पर 1 रुपये का भुगतान कराया गया। इसके बाद बार-बार UPI फेल होने का बहाना बनाकर उन्हें अलग-अलग खातों और BharatPe QR कोड के जरिए भुगतान करने को कहा गया।आरोपियों ने खुद को होटल का फ्रंट डेस्क मैनेजर और सीनियर मैनेजर बताकर भरोसा दिलाया और होटल रूम की तस्वीरें भी भेजीं।पीड़ित ने कुल 4,480 रुपये का भुगतान किया, लेकिन पैसे लेने के बाद न तो कोई बुकिंग कन्फर्मेशन मिला और न ही कॉल्स का जवाब दिया गया।


तकनीकी जांच से आरोपी तक पहुंची पुलिस


जांच के दौरान साइबर पुलिस ने बैंक, डोमेन सर्विस प्रोवाइडर और टेक कंपनियों को बीएनएस की धारा 94 के तहत नोटिस भेजा।

फर्जी वेबसाइट गोडाडी पर होस्ट पाई गई, जिससे जुड़ा एक ई-मेल आईडी सामने आया।


इसके बाद गूगल , जिओ और एयरटेल से आइपी एड्रेस और मोबाइल नंबर की जानकारी जुटाई गई। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की पहचान कर पुणे के कोंढवा इलाके में छापेमारी की गई।


छापेमारी के दौरान बरामदगी


कोलकाता के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) की अनुमति से आरोपी के घर और कार्यालय में तलाशी ली गई।

तलाशी के दौरान पुलिस ने:

एक मोबाइल फोन

एक लैपटॉप

एक पेन ड्राइव (जिसमें सिस्टम सर्वर का रैम डंप मौजूद था)

बरामद किया।


पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया।


गिरफ्तारी


आरोपी को 27 जनवरी 2026 को सुबह 03:05 बजे उसके कार्यालय से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के दौरान सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार सभी कानूनी औपचारिकताओं का पालन किया गया और आरोपी के परिजनों को भी सूचना दी गई।


फिलहाल आरोपी से आगे की पूछताछ जारी है और पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस साइबर ठगी नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल हैं।

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