कोलकाता साइबर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: फर्जी माइक्रोसॉफ्ट कॉल सेंटर का भंडाफोड़, 8 आरोपी गिरफ्तार












कोलकाता साइबर पुलिस स्टेशन में दर्ज मामला संख्या 59/25 (दिनांक 01.11.2025) के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने एक अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह मामला आईटी एक्ट 2000 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की कई गंभीर धाराओं के अंतर्गत दर्ज है।


पुलिस को मिली पुख्ता खुफिया जानकारी, डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण और पहले गिरफ्तार आरोपियों से मिले सुरागों के आधार पर, महेशतला थाना क्षेत्र में छापेमारी की गई।


महेशतला में अवैध कॉल सेंटर पर छापा


दिनांक 06 फरवरी 2026 को तड़के सुबह 03:40 बजे से 03:59 बजे के बीच ग्रीनफील्ड सिटी, जोट शिबरामपुर स्थित एक फ्लैट से फर्जी कॉल सेंटर संचालित करते हुए 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपी खुद को माइक्रोसॉफ्ट का अधिकारीबताकर अमेरिका के नागरिकों को निशाना बना रहे थे।


गिरफ्तार आरोपियों के नाम

1. जुनैद अली (24)

2. मोहम्मद साकिर (24)

3. मोहम्मद खुर्शीद अख्तर (32)

4. शादाब खान (31)

5. कुंदन रॉय (24)

6. मोहम्मद हुसैन अहमद खान (36)

7. जाकिर खान (45)

8. स्क. अमिरुल्ला (18)


सभी आरोपी कोलकाता और आसपास के क्षेत्रों के रहने वाले हैं।


भारी मात्रा में डिजिटल सबूत जब्त


छापेमारी के दौरान पुलिस ने बड़ी मात्रा में आपत्तिजनक डिजिटल सामग्री बरामद की, जिसमें शामिल हैं:

5 लैपटॉप

2 वाई-फाई राउटर

12 मोबाइल फोन

बड़ी संख्या में डिजिटल डेटा और इलेक्ट्रॉनिक सबूत


सभी जब्ती कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए गवाहों और स्थानीय पुलिस की मौजूदगी में की गई।


ऐसे करते थे साइबर ठगी


जांच में सामने आया है कि आरोपी:

खुद को माइक्रोसॉफ्ट कस्टमर केयर/टेक्निकल सपोर्ट बताकर

अमेरिका के वेब प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया पर फर्जी हेल्पलाइन नंबर प्रसारित करते थे

पीड़ितों को Microsoft Teams के जरिए संपर्क में लेते थे


इसके बाद:

पीड़ितों से TeamViewer, AnyDesk, UltraViewer जैसे रिमोट एक्सेस ऐप इंस्टॉल करवाते

कंप्यूटर पर अवैध नियंत्रण हासिल कर

Bank of America, Wells Fargo, TD Bank, Navy Federal Credit Union जैसे बैंकों के खातों से पैसे निकाल लेते


ठगी की रकम को:

विदेशी बैंक खातों

डिजिटल वॉलेट

या Apple Gift Cards में बदलकर गिरोह के नियंत्रण में ले लिया जाता था।


पहचान छिपाने के लिए VPN का इस्तेमाल


आरोपी अपनी पहचान और लोकेशन छिपाने के लिए TurboVPN जैसे एडवांस VPN का इस्तेमाल करते थे। साथ ही, पीड़ितों को भ्रमित करने के लिए माइक्रोसॉफ्ट और अमेरिकी संस्थानों के फर्जी दस्तावेज भी भेजे जाते थे।


जांच जारी


पुलिस के अनुसार, सभी आरोपी पहले से गिरफ्तार साइबर अपराधियों के संपर्क में थे। मामले में अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की भी जांच की जा रही है और आगे और गिरफ्तारियां संभव हैं।


कोलकाता साइबर पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, फर्जी टेक सपोर्ट या रिमोट एक्सेस ऐप से सावधान रहें।

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