कोलकाता के रवींद्र सरोवर थाना के गोलपार्क इलाके में हुई सनसनीखेज हिंसक घटना को लेकर पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। इस इलाके में बमबाजी और फायरिंग कर दहशत फैलाने की घटना के बाद पुलिस ने लगातार कार्रवाई करते हुए अब तक कुल 19 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
यह सभी गिरफ्तारियां एक ही घटना से संबंधित हैं, हालांकि अलग-अलग तारीखों और चरणों में पुलिस ने आरोपियों को दबोचा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने रवींद्र सरोवर थाना कांड संख्या 16 और 18, दिनांक 02.02.2026 के तहत जांच शुरू की थी।
गोलपार्क में बम और गोली, इलाके में फैली दहशत
पुलिस के अनुसार, रवींद्र सरोवर के पास गोलपार्क इलाके में कुछ असामाजिक तत्वों ने बम फोड़कर और गोली चलाकर इलाके में अराजकता फैलाई थी। इस घटना से स्थानीय लोगों में भारी दहशत फैल गई थी और कुछ समय के लिए इलाके में तनाव का माहौल बन गया था।
पहले चरण में 10 आरोपियों की गिरफ्तारी
घटना के तुरंत बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पहले चरण में 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें
बॉबी हेला, अर्जुन मलिक, स्क. बच्छू, मुकेश पासवान, रबिन दास, सुजन हालदार, राज हालदार, गोपाल सरकार, अजय हालदार और संदीप नस्कर शामिल हैं।
पुलिस का कहना है कि इन सभी की भूमिका सीधे तौर पर हिंसा और दहशत फैलाने में थी।
2–3 फरवरी की रात 4 और आरोपी गिरफ्तार
जांच आगे बढ़ने पर पुलिस ने 2 और 3 फरवरी 2026 की दरमियानी रात चार और आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें
बबलू शॉ उर्फ चिनी, इंद्रजीत माझी उर्फ छोटो बाबू, जयंत नस्कर उर्फ सोनू और देबाशीष मंडल उर्फ भोटू शामिल हैं।
पूछताछ में इन आरोपियों की संलिप्तता भी बमबाजी और फायरिंग की साजिश में सामने आई।
गुप्त सूचना पर 2 और गिरफ्तारी
पुलिस को मिली पुख्ता गुप्त सूचना के आधार पर इसके बाद
राहुल दास उर्फ बाबू सोना और शुभंकर रॉय उर्फ शुभो को गिरफ्तार किया गया। जांच में सामने आया कि ये दोनों आरोपी भी पूरे घटनाक्रम में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे।
ताज़ा कार्रवाई में 3 और आरोपी दबोचे गए
जांच के अंतिम चरण में पुलिस ने 3 फरवरी 2026 को
चंचल नस्कर उर्फ सोनू, एक अन्य सहयोगी आरोपी, और एक और संदिग्ध व्यक्ति को गिरफ्तार किया।
इस तरह इस पूरे मामले में कुल 19 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
पुलिस का दावा: संगठित साजिश थी
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह कोई सामान्य घटना नहीं बल्कि पूर्व नियोजित और संगठित साजिश थी, जिसका मकसद गोलपार्क इलाके में दहशत फैलाना और कानून-व्यवस्था को चुनौती देना था।
फिलहाल सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस यह भी जांच कर रही है कि
• बम और हथियार कहां से लाए गए
• घटना के पीछे किसी बड़े गिरोह या राजनीतिक संरक्षण की भूमिका तो नहीं
• और क्या इस मामले में और लोग भी शामिल हैं
पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में इस सनसनीखेज कांड से जुड़े और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
