बुर्राबाजार में देर रात लाखों की चोरी, दिल्ली के तीन युवक गिरफ्तार


फुटपाथ की दुकान को बनाया निशाना, 1.29 लाख के इमिटेशन गहने पार — व्यापारियों में चिंता


कोलकाता | न्यूज़ डेस्क:कोलकाता के व्यस्त कारोबारी इलाके बुर्राबाजार में देर रात चोरी की एक वारदात ने व्यापारियों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। फुटपाथ पर लगने वाली एक गहनों की दुकान को निशाना बनाते हुए चोरों ने लाखों रुपये के इमिटेशन ज्वेलरी आइटम साफ कर दिए।


कब और कैसे हुई वारदात?


प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना 7 फरवरी 2026 की रात लगभग 11:30 बजे से 8 फरवरी की सुबह 8:30 बजे के बीच की है। इस दौरान अज्ञात बदमाशों ने कॉटन स्ट्रीट स्थित फुटपाथ पर लगी दुकान से करीब 1,29,255 रुपये (लगभग एक लाख उनतीस हजार रुपये) मूल्य के नकली गहनों की चोरी कर ली।


दुकान P-30A, कॉटन स्ट्रीट, बुर्राबाजार क्षेत्र में स्थित है। शिकायतकर्ता ओम प्रकाश शॉ उर्फ विक्की जो बर्तुला के निवासी हैं घटना की शिकायत दर्ज कराई।


बुर्राबाजार थाना के तहत धारा 303(2) बीएनएस के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया। मामले की जांच डिटेक्टिव डिपार्टमेंट (Watch Section) को सौंपी गई।


जांच के दौरान पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और संदिग्धों की गतिविधियों को ट्रैक किया। तकनीकी सर्विलांस और मुखबिरों की सूचना के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई तेज की।


पार्क सर्कस से गिरफ्तारी


19 फरवरी को दोपहर करीब 4:15 बजे पुलिस ने पार्क सर्कस क्रॉसिंग के पास से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी बेनियापुकुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत की गई।


गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है:

सूरज विश्वास (20 वर्ष)

शेख मुस्ताकिन (28 वर्ष)

विकास ठाकुर (28 वर्ष)


तीनों आरोपी दिल्ली के भलवाना क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं।


क्या है गिरोह का नेटवर्क?


प्राथमिक जांच में यह संकेत मिले हैं कि आरोपी बाहरी राज्य से आकर भीड़भाड़ वाले व्यापारिक क्षेत्रों को निशाना बनाते थे। फुटपाथ दुकानों को इसलिए चुना जाता था क्योंकि वहां सुरक्षा व्यवस्था अपेक्षाकृत कमजोर होती है।


पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि:

क्या यह गिरोह पहले भी ऐसी वारदातों में शामिल रहा है?

चोरी का सामान कहां खपाया जाता था?

क्या स्थानीय स्तर पर कोई सहयोगी मौजूद था?


व्यापारियों में चिंता


बुर्राबाजार के व्यापारियों का कहना है कि फुटपाथ और छोटी दुकानों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त निगरानी की जरूरत है। लगातार बढ़ती घटनाओं से व्यापारियों में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है।


दिल्ली से कोलकाता तक फैला यह कथित चोरी गिरोह अब पुलिस की गिरफ्त में है, लेकिन सवाल अभी भी बाकी हैं — क्या यह सिर्फ तीन लोगों का काम था या इसके पीछे बड़ा नेटवर्क सक्रिय है?

Previous Post Next Post