सीबीआई–ईडी अधिकारी बनकर 3.01 करोड़ की ठगी, साइबर पुलिस ने आरोपी को दबोचा











फर्जी आईडी दिखाकर वीडियो कॉल पर दी गिरफ्तारी की धमकी; पार्क स्ट्रीट इलाके से गिरफ्तारी, भारी मात्रा में सिम और इलेक्ट्रॉनिक सामान बरामद

कोलकाता में साइबर ठगी के एक बड़े मामले का खुलासा हुआ है, जिसमें आरोपियों ने खुद को सीबीआई, ईडी और अन्य केंद्रीय एजेंसियों का अधिकारी बताकर 3 करोड़ 1 लाख रुपये की ठगी की।


यह मामला साइबर थाना कांड संख्या 56/25, दिनांक 18.10.2025 के तहत सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 की धारा 66C/66D तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की विभिन्न धाराओं में दर्ज किया गया है।


पुलिस के अनुसार, 5 अक्टूबर 2025 से पहले आरोपियों ने एक आपराधिक साजिश के तहत शिकायतकर्ता विधान घोष दस्तीदार को फोन किया। पहले कॉल करने वाले ने खुद को ब्लू डार्ट कूरियर का प्रतिनिधि बताया और कहा कि उनके नाम से एक पार्सल में अवैध सामान मिला है, जिसकी जांच सीबीआई और ईडी कर रही है।


इसके बाद एक अन्य व्यक्ति ने खुद को “अमित कुमार, सीबीआई अधिकारी” बताते हुए वीडियो कॉल किया। कॉल के दौरान फर्जी पहचान पत्र दिखाए गए और गिरफ्तारी की धमकी दी गई। डर के माहौल में शिकायतकर्ता और उनकी पत्नी को मोबाइल और लैपटॉप कैमरे के सामने “सीबीआई निगरानी” में रहने को कहा गया।


कुछ समय बाद दो और लोगों ने खुद को आईपीएस अधिकारी, साइबर क्राइम हेड और एफएटीएफ (Financial Action Task Force) अधिकारी बताकर बातचीत में शामिल हुए। आरोपियों ने सीबीआई, आरबीआई, ईडी और सुप्रीम कोर्ट के लोगो वाले फर्जी दस्तावेज भी दिखाए और “फंड वेरिफिकेशन” के नाम पर पैसे ट्रांसफर करने का दबाव बनाया।


डर के कारण शिकायतकर्ता ने कुल 3.01 करोड़ रुपये आरोपियों द्वारा बताए गए बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए।


जांच के दौरान पुलिस ने 15 फरवरी की शाम करीब 4:10 बजे पार्क स्ट्रीट थाना क्षेत्र के 31/1/2, मार्क्विस स्ट्रीट स्थित खालिक स्टोर से मोहम्मद अमजद (38 वर्ष),को गिरफ्तार किया।


बरामद सामान:

32 स्लॉट के 6 सिम बॉक्स

128 स्लॉट के 5 सिम बॉक्स

256 स्लॉट का 1 सिम बॉक्स

1 लैपटॉप

9 राउटर

1 वाई-फाई सक्षम सीसीटीवी कैमरा

17 मोबाइल फोन

2,250 सिम कार्ड

अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण (एडॉप्टर, कनेक्टर, LAN केबल आदि)


पुलिस का मानना है कि यह एक संगठित साइबर गिरोह है, जो फर्जी पहचान और डिजिटल तकनीक के जरिए लोगों को डराकर बड़ी रकम की ठगी करता था। मामले की आगे की जांच जारी है और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है।


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