रात 12 से दोपहर 12 तक संसद में टीएमसी का धरना, पश्चिम बंगाल को दिया सियासी संदेश


 




कोलकाता।संसद परिसर में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसदों ने गुरुवार रात 12 बजे से शुक्रवार दोपहर 12 बजे तक लगातार 12 घंटे का धरना दिया। पूरी रात ठंड के बीच सांसद संविधान सदन की सीढ़ियों पर बैठे रहे और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। टीएमसी सांसदों ने सरकार पर आरोप लगाया कि उसने मनमाने तरीके से ‘विकसित भारत–जी राम जी विधेयक, 2025’ पास कराया है और इससे महात्मा गांधी का अपमान हुआ है।

टीएमसी ने इस विरोध को सिर्फ संसद तक सीमित न रखते हुए पश्चिम बंगाल तक एक राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की। अगले साल राज्य में विधानसभा चुनाव होने हैं और पार्टी इस मुद्दे को ‘बंगाली अस्मिता’ से जोड़कर देख रही है। गौरतलब है कि पिछले विधानसभा चुनाव में भी टीएमसी ने बंगाली अस्मिता को बड़ा राजनीतिक हथियार बनाया था।गुरुवार को संसद ने ‘विकसित भारत–जी राम जी विधेयक, 2025’ पारित किया। यह विधेयक पहले लोकसभा और फिर देर रात राज्यसभा से पास हुआ। यह बिल महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) की जगह लाने से जुड़ा है। विधेयक के पास होते ही टीएमसी सांसदों ने संसद परिसर में धरना शुरू कर दिया।


टीएमसी का आरोप है कि सरकार ने विपक्ष की मांगों को नजरअंदाज करते हुए ‘बुलडोजर रणनीति’ अपनाई। विपक्ष चाहता था कि इस बिल को स्टैंडिंग कमेटी या जॉइंट पार्लियामेंट्री कमेटी के पास भेजा जाए, लेकिन सरकार ने बिना चर्चा के इसे पारित करा लिया।


शुक्रवार सुबह कांग्रेस, डीएमके, समाजवादी पार्टी समेत अन्य विपक्षी दलों के सांसद भी टीएमसी के समर्थन में धरने पर बैठ गए। ठंड से बचने के लिए सांसद कंबल ओढ़े रहे और पूरी रात सरकार के खिलाफ नारे लगाते रहे। विरोध के दौरान सांसदों ने देशभक्ति और आंदोलन से जुड़े गीत भी गाए।


टीएमसी नेताओं ने बताया कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सांसदों से फोन पर बात की और उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई। वहीं विपक्षी दलों ने धरने पर बैठे सांसदों के लिए खाने-पीने की व्यवस्था भी की। डीएमके नेता तिरुचि शिवा ने इडली भिजवाई, जबकि कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी और समाजवादी पार्टी की सांसद जया बच्चन खुद खाना लेकर पहुंचीं। आखिरकार शुक्रवार दोपहर 12 बजे धरना समाप्त किया गया।


धरने के दौरान टीएमसी सांसदों के हाथों में बड़े-बड़े पोस्टर और बैनर थे। एक बैनर पर महात्मा गांधी और गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की तस्वीर लगी थी, जिस पर लिखा था—

“गुरुदेव ने उन्हें महात्मा की उपाधि दी थी।”


वहीं एक अन्य पोस्टर पर लिखा था—

“मनरेगा को मत मारो, जैसे तुमने गांधी जी को मारा था।”


टीएमसी सांसद ‘सारे जहां से अच्छा’, ‘हम होंगे कामयाब’ और कई बंगाली गीत गाकर अपना विरोध दर्ज कराते रहे। पार्टी इसे बंगाल और बंगालियों के स्वाभिमान से जोड़कर पेश कर रही है।


धरने पर बीजेपी की ओर से तीखी प्रतिक्रिया भी आई। बीजेपी सांसद और पश्चिम बंगाल के चुनाव सह-प्रभारी विप्लव देव ने टीएमसी पर तंज कसते हुए कहा कि टीएमसी दो लोगों की पार्टी है और एक कंपनी की तरह चलती है, जहां जो सीईओ बोलता है वही होता है।


विप्लव देव ने कहा,

“अगर टीएमसी को गांधी जी की इतनी ही चिंता है, तो बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार पर क्यों चुप है? वहां बंगालियों को बचाने की हिम्मत क्यों नहीं दिखाती?”

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